महान वैज्ञानिकों में एक जिनको दुश्मन देशों ने की ठिकाने लगाने की कोशिश।


निम्बी जी भारत में केरला प्रांत के महान वैज्ञानिक हैं। जो राकेट साइंस में उनका नाम निम्न ताप के इंजनों में सुधार के लिऐ और तकनीकी विकसित करने हेतू लिया जाता है।क्या आप जानते हैं एक देसभगत वैज्ञानिक पर उन्ही के देश में कुछ अनपढ़ और बेवकूफ नोकरसाह और राजनितज्ञों की गलती से मुकदमा चलाया गया। उनके पाकिस्तान के लिए जासूसी करने वाला साबित करने की कोसिस की गई। भारत में ये नई बात नहीं हैं। भारत के अनेक वैज्ञानिक जो इसरो से जुड़े थे अक्सर दुर्घटना या मृत्यु का शिकार होते पाए गए हैं। इसपे कोई सर्च या जांच आजतक नहीं आई या संदेह जताया गया की इनके पिछे दुश्मन देशों का हाथ भी हो सकता है। हकीकत क्या है कोई नहीं जनता। लेकिन निम्बी जब अपनी मेहनत के चरम पर थे तब उन्हें भारत में ही आपराधिक मुकदमों में पकड़ा गया था आरोप लगा पाकिस्तान के लिऐ जासूसी और जानकारी लीक करने का यानि देशद्रोह जिसमे उनके करियर के साथ साथ उनकी मेहनत और  आगे 20वर्ष खतम हो गए। उन्हें कुछ दुसमन देशों द्वारा साजिसों के तहत फसाया गया था क्योंकि उनके प्रयोग भारत को एक बहुत बड़ी महाशक्ति बना सकते थे। 2018में सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई दोनो ने उन्हे क्लीन चिट दे दी। उन्हे निर्दोष बताया गया। तथा उनको सारी हैरेसमेंट और उनके साथ जो हुआ उसकी एवज में 50लाख मुआवजा देने की बात कही।उनके साथ घटी  इस दुर्घटना ने भारत को अंतरिक्ष के क्षेत्र में बहुत पीछे धकेल दिया। उन्हे किस तरह साजिशों का शिकार बनाया गया इस पर माधवन की एक फिल्म राकेट भी आई है।
ज्यादा जानकारी हेतू गुगल और youtube पर सर्च कर सकते हैं।
विकास तंवर खेड़ी।


नमन करता हूं नंबी नारायण जी को जिन्होंने विकट परस्थितियों में हार नहीं मानी।

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